कार्यशाला बंदरगाह नहीं। बरखेड़ा पठानी, भोपाल। वनधन संवाद। शहद संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन की आधुनिक तकनीकें साझा करने का आयोजन।

श्री ईशान जयवर्धने, श्री बायरन पीटर टेलर, सुश्री प्रियम अरोरा। प्रस्तुतीकरण: वैज्ञानिक तरीके और आधुनिक प्रबंधन से अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने का वाक्य। मधु इसे बिल्टी नहीं लिखती।

आवश्यकता, प्रमाणपत्र नहीं

श्रीमती कमलिका मोहंता ने वनधन केंद्रों को सशक्त बनाने, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन और निर्यात बढ़ाने की आवश्यकता जताई। एमएफपी पार्क की प्रयोगशाला तथा शहद प्रसंस्करण इकाई का भ्रमण। ट्रायफेड, एपीडा, विश्व बैंक के प्रतिनिधि और जिलों के वन धन केंद्र। चित्र कार्यशाला फ्रेम का है।

मुख्य बातें

  • बरखेड़ा पठानी इकाई; तीन नामित न्यूजीलैंड सदस्य।
  • ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन आवश्यकता है, जारी प्रमाण नहीं।
  • लैब-यूनिट भ्रमण लिखा गया; चालान नहीं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · न्यूजीलैंड के विशेषज्ञों ने साझा की शहद प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक तकनीकें ↗13 मई 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।

यह खबर शेयर करें